हिमाचल विधानसभा: राज्यपाल के 127 सेकंड के अभिभाषण पर रार, जयराम का तंज— "सीएम को काम बंद करने में आता है आनंद"
airam Taunts—"CM Finds Pleasure in Halting Work"
शिमला। Airam Taunts—"CM Finds Pleasure in Halting Work", नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा को सत्ता में आने पर काम करने में आनंद आता है, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को चले हुए काम बंद करने में आनंद आता है। जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल द्वारा बजट सत्र के पहले दिन दिए गए अभिभाषण पर बुधवार को सत्तापक्ष द्वारा लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर शुरू हुई चर्चा के दौरान बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने शासनकाल में लोगों की मांग और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संस्थान खोले। लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सत्ता में आते हीेे 2 हजार सरकारी संस्थानों को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कुछ किया ही नहीं तो राज्यपाल क्या बोलते। सरकार ने चार सालो में जितना काम किया उतना ही राज्यपाल ने समय दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि राज्यपाल ने 2.07 मिनट पढ़ा और केंद्र के खिलाफ कुछ भी पढ़ने से इनकार कर दिया। सरकार ने जब काम ही नहीं किया तो जिक्र किस बात का करें। इसलिए राज्यपाय ने इतने कम समय पढ़ा। यदि राज्यपाल बुजुर्ग होते या अस्वस्थ होते तब भी बात मानी जा सकती थी लेकिन इस बार ऐसी कोई स्थिति नहीं थी।
उन्होंने कहा कि सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम में जितनी राशि खर्च की जा रही है उतनी राशि एक प्रधान खर्च कर देता है। उन्होंने कहा कि हमें काम करना अच्छा लगता है मुख्यमंत्री को काम बंद करना अच्छा लगता है।
यही कारण है कि राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार अपनी एक भी उपलब्धि का जिक्र नहीं कर पाई और 14 पन्ने सिर्फ केंद्र सरकार को कोसने में ही खत्म कर दिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास गिनाने के लिए उपलब्धियों के नाम पर कुछ नहीं था, तो उसे उन दो हजार संस्थानों का जिक्र अवश्य करना चाहिए था, जो उसमें सत्ता में आते ही बंद कर दिए थे।
साथ ही इस बात का भी जिक्र करना चाहिए था कि सरकार ने प्रदेश में विकास को पूरी तरह से ठप कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वास्तव में सरकार के पास उपलब्धियों के नाम पर कुछ नहीं है। यही कारण है कि राज्यपाल ने महज दो मिनट सात सेकेंड में ही अपना अभिभाषण खत्म कर दिया।
राज्यपाल के सहारे चुनाव जीतना चाहती है भाजपा: सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वास्तव में भाजपा राज्यपाल के सहारे चुनाव जीतना चाहती है। लेकिन भाजपा को इसके बावजूद जीत नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद एक संवैधानिक पद है और उसे भाजपा को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को आरडीजी और जीएसटी मुआवजे के रूप में केंद्र से 70 हजार करोड़ रुपये मिला लेकिन उसने प्रदेश पर चढ़े कर्ज को कम करने का कोई प्रयास नहीं किया। इसके विपरीत जब भाजपा सत्ता से बाहर गई तो प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ कर चली गई।
उन्होंने कहा कि आरडीजी हिमाचल के लोगों का हक है। लेकिन भाजपा इसे बहाल करने में कोई मदद नहीं कर रही है। उन्होंने हिमकेयर और सहारा योजना के तहत प्रदेश में पूर्व और मौजूदा सरकार के कार्यकाल में लाभान्वित लोगों का ब्योरा भी दिया।
कांग्रेस के लिए व्यवस्था परिवर्तन महज एक शब्द नहीं: सुरेश कुमार
इससे पूर्व कांग्रेस के सुरेश कुमार ने सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार को अपने तीन साल के कार्यकाल में प्राकृतिक, राजनीति और आर्थिक जैसी तीन-तीन आपदाओं का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद सरकार ने सफलतापूर्वक सत्ता में तीन साल पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन महज एक शब्द नहीं है बल्कि इसके माध्यम से हिमाचल आत्मनिर्भरता की और बढ़ रहा है। कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी को बंद करना मौजूदा कांग्रेस सरकार का गला घोंटने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि यदि आज हिमाचल ने आरडीजी का हक छोड़ दिया तो आने वाली पीढ़िया हमें माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि आरडीजी के मामले में हिमाचल की कर्नाटक से तुलना नहीं की जा सकती। विधायक राम कुमार ने कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया है।
70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान शुरू किए जा रहे हैं। विधायक सुदर्शन बबलू ने कहा कि भाजपा हिमाचल के हितों के प्रति गंभीर नहीं है। इसलिए आरडीजी बंद होने का विरोध नहीं कर रही है। विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि हिमाचल को अपने पैरों पर खड़े होना चाहिए और हमेशा आरडीजी के लिए केंद्र के सामने हाथ नहीं फैलाए जा सकते हैं।